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प्रो. मुकेश तिवारी

About the Author

प्रो. मुकेश तिवारी इलेक्ट्रानिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के प्रतिष्ठित शिक्षाविद, प्रखर शोधकर्ता, आविष्कारक तथा अनुभवीउच्च शिक्षा प्रशासक है। वर्तमान में वे कुलपति एवं प्राध्यापक, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, श्री सत्य सांई प्रौद्योगिकी एवं चिकित्साविज्ञान विश्वविद्यालय, सीहोर, मध्यप्रदेश के रुप में सेवारत् है। प्रो. मुकेश तिवारी ने राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रानिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग ब्रांच में इंजीनियरिंग, डिलीटल कम्युनिकेशन में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी एवं पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। इसके उपरांत 2002 में लेक्चरर/सहायक प्राध्यापक के रुप में अपने शैक्षणिक करियर की शुरुआत की तथा अपने अकादमिक अनुभव में सह-प्राध्यापक, प्राध्यापक, डीन एडमिनिस्ट्रेशन तथा प्रोफेसर इंचार्ज (ऑफिस ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन) जैसे महत्तवपूर्ण पदों पर कार्य करते हए संस्थागत नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता एवं अकादमिक उत्कृष्टता को निरंतर सुदृढ़ किया। उनका शोधकार्य बहु-विषयी, नवोन्मेषी एवं तकनीकी क्षेत्रों पर केन्द्रित है जिसमें Image Processing, Wireless Communication Systems, Secure Transmissions, 5G Networks, loT-based Secure Algorithms, MIMO Design, CMOS Low- Power Circuits GTeTTOptical एवं Medical Communication जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनिय शोध योगदान सम्मिलित हैं। प्रो. तिवारी के 90 से अधिक शोधपत्र Scopus, Elsevier तथा Web of Science जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हुए है तथा अनेक शोध प्रस्तुतियां अंतर्राषष्ट्रीय सम्मेलनों में दर्ज है। तकनीकी नवाचारों के क्षेत्र में उनके 10 पेटेंट पंजीकृत है जिनमें विशेष रुप से Renewable Energy based Smart Assistive Devices, Portable Systems, Waste Management Technologies ae loT enabled Greenhouse Innovations विशेष उल्लेखित है। प्रो. तिवारी उच्च तकनीकी एवं अकादमिक विषयों पर 09 पुस्तकों के लेखक भी है fadf Understanding NAAC, NEP 2020, Cloud Computing and loT for 5G, Concepts of Analog and Digital Communication तथा Basics of MATLAB विशेष रुप से चर्चित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, गुणवत्ता, मानकीकरण और उच्च शिक्षाशासकीय संरचनाओं में उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए प्रो. तिवारी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), अखिलभारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE), राष्ट्रीय मूल््यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (NAAC) नई दिल्ली तथा विभिन्न विश्वविद्यालयीन समितियों में महत्वपूर्ण दायित्व सोंपे गए है। वे UGC Executive Council एवं Finance Committee Nominee (2025),AICTE Member Secretary Interaction Panels (2025), NAAC Peer Team Chairperson (2024) aeIT Governing Body Member(2021, 2023) विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन, मध्यप्रदेश जैसे पदों पर कार्य कर रहे हैं। प्रो. तिवारी राजीव गाँधी प्रौद्योगिकीविश्वविद्यालय, भोपाल, मध्यप्रदेश के Executive Council सदस्य भी रह चुके हैं तथा CBSE, NEET/JEE/NET इत्यादि परीक्षाओं मेंनियमित रुप से परीक्षा पर्यवेक्षक की भूमिका निभा रहे है। अब तक प्रो. तिवारी।l Ph.D. शोधार्थियों (Awarded/Ongoing) कामार्गदर्शन कर चुके हैं तथा 26 M.Tech Dissertations के Supervisor रहे है। वर्ष 2008 से 2023 तक उन्होंने अनेक राष्ट्रीयएवं अंतर्राषष्ट्रीय कार्यशालाओं, तकनीकी उत्सवों AICTE-ATAL प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा विशेषज व्याख्यानों का संचालन/आयोजन एवंसंबोधन किया है। MATLAB, Embedded Systems,VLSI Design,C/C++, Java, विभिन्न simulation Tools तथा LaTex में प्रभुत्व के साथ प्रो. मुकेश तिवारी भारत के अग्रणी इंजीनियरिंग शिक्षविदों, नवाचार-उन्नमुख, शोध वैजानिकों और उच्च शिक्षाप्रशासकों में विशिष्ट स्थान रखते है। तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान तथा शैक्षणिक गुणवत्ता विकास में उनका योगदान व्यापक रुप सेमान्यता प्राप्त है तथा वर्तमान आधुनिक उच्च शिक्षा प्रणाली हेतु प्रेरणास्त्रोत है।

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एंटेना एवं तरंग प्रसार के मूल सिद्धांत

एंटेना एवं तरंग प्रसार के मूल सिद्धांत

एंटेना एवं तरंग प्रसार के मूल सिद्धांत एक व्यापक एवं सुव्यवस्थित ग्रंथ है, जिसे विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा इंजीनियरिंग पेशेवरों को एंटेना प्रणालियों एवं विद्युतचुंबकीय तरंग प्रसार (Electromagnetic Wave Propagation) की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह पुस्तक एंटेना इंजीनियरिंग एवं वेव प्रोपेगेशन से संबंधित आधारभूत सिद्धांतों को सरल, स्पष्ट एवं क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत करती है। पुस्तक में विद्युतचुंबकीय विकिरण, एंटेना पैरामीटर, एंटेना एरे, ट्रांसमिशन लाइन्स, तरंग प्रसार की विभिन्न प्रक्रियाएँ तथा आधुनिक वायरलेस संचार अनुप्रयोगों जैसे महत्वपूर्ण विषयों का विस्तृत विवेचन किया गया है। विशेष रूप से इस बात पर बल दिया गया है कि विद्युतचुंबकीय तरंगें विभिन्न माध्यमों में किस प्रकार संचरित होती हैं तथा एंटेना का डिज़ाइन संचार प्रणाली के प्रदर्शन को किस प्रकार प्रभावित करता है। व्यावहारिक उदाहरणों, चित्रों तथा वास्तविक जीवन के अनुप्रयोगों के माध्यम से पाठकों को रेडियो, उपग्रह, मोबाइल एवं वायरलेस संचार प्रौद्योगिकियों के मूल सिद्धांतों की गहन समझ प्राप्त होती है। अकादमिक गंभीरता और सरल प्रस्तुति के संतुलन के साथ लिखी गई यह पुस्तक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री है। साथ ही यह शिक्षकों, शोधकर्ताओं एवं उद्योग विशेषज्ञों के लिए भी एक उपयोगी संदर्भ ग्रंथ के रूप में कार्य करती है। सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बीच सेतु स्थापित करते हुए यह पुस्तक पाठकों को आधुनिक संचार प्रणालियों को समझने तथा उनके विकास में योगदान देने हेतु आवश्यक ज्ञान प्रदान करती है।

  • Publisher: vashisthya global publication
  • Year: 2026
  • ISBN: 978-93-49527-66-9

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